कोरोनावायरस के चलते अब तक दुनियाभर में 7000 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दुनिया भर में इसके 1.90 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं। ऐसे में कोरोनावायरस ने दुनिया को मंदी की तरफ ढकेलना शुरू कर दिया है। इसका असर अब भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है, जहां रेटिंग एजेंसियां भारते के ग्रोथ रेट को घटाती जा रही हैं। वहीं, बाजार में जारी उठा-पटक से निवेशकों का भी हाल बेहाल है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भारत की अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ जा रही है? हालांकि, इसका सही जवाब देना अभी मुश्किल है, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अब तक भारत की अर्थव्यवस्था को कोरोना से कितना नुकसान हो चुका है। डालते हैं एक नजर
Moody's ने घटाई रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने वैश्विक मंदी के खतरे से होने वाले प्रभाव को देखते हुए भारत की रेटिंग को 5.4 से घटा कर 5.3 कर दिया है। मूडीज ने 2020 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया। दरअसल मूडीज ने कोरोना वायरस के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए रेटिंग घटाई है।
S&P ने घटाई रेटिंग
S&P Global Ratings की तरफ से भी भारत के लिए बुरी खबर है। एजेंसी का अनुमान है कि 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि घटकर 5.2 फीसद पर आ जाएगी। S&P की तरफ से यह भी कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। इससे पहले एजेंसी ने 2020 में भारत के जीडीपी ग्रोथ को 5.7 फीसद की रेटिंग दी थी।
बाजार हुआ धराशायी
बुधवार को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट का दौर जारी रहा। दोपहर 3.04 बजे तक सेंसेक्स में 1814.56 अंक की गिरावट दर्ज की गई जहां यह 28,764.53 पर पहुंचा। वहीं, निफ्टी 429.55 अंक गिरकर 8,538.50 पर कारोबार कर रहा है। हाल यह है कि बाजार तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
निवेशकों ने निकाले 37.97 करोड़ रुपए
कोरोना वायरस के कारण मंदी से डरे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPII) ने भारतीय बाजार से केवल मार्च महीने में अब तक 37,97 करोड़ रुपए निकाल लिए हैं। निवेशकों ने अब तक इक्विटी से 24,776.36 करोड़ रुपए निकाले हैं। वहीं, डेट मार्केट से अब तक विदेशी निवेशकों ने 13,199.54 करोड़ रुपए निकाले हैं।
पर्यटन क्षेत्र में भारी नुकसान
कोरोनावायरस के चलते ताजमहल समेत कई स्मारकों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में अकेले आगरा में पहले ही दिन 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पर्यटन उद्योग को झेलना पड़ा है। अब तक हर रोज डेढ़ से दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, लेकिन अब स्मारकों को 15 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में काफी बड़ा नुकसान यहां देखने को मिल रहा है।